Monday, February 7, 2011

तन्हाई..हैप्पी वैलेन्टाइन्स डे

चादरों में लिपटी तन्हाई को
..जैसे झटक कर फेंकना चाहा
उसने बल खा के ली अंगड़ाई
..फिर मुस्कराकर कहा
हैप्पी वैलेन्टाइन्स-डे

विस्मित सा मैं, अचान पहुँच गया
..जैसे एक टाइम मशीन में
बीस साल पहले, जाड़े की कुनकुनी धूप में
..मेरे चाय के प्याले से एक सिप लेकर
जूठा किया था, प्यार बढ़ाने के लिए
फिर बोली थीं तुम
हैप्पी वैलेन्टाइन्स-डे

तीन साल बाद, काफी कुछ बदल चुका था
..हम भी और वो भी
अब कोई और था
..थ्री-व्हीलर में सटके बैठी थी वो
श को स बोलती थी
..मैं कह रहा था..कहो न कहो न
नजरें झुका के बोली..मुझे सरम आती है
..फिर बहुत झिझक के साथ
आखिर तुमने कहा था
हैप्पी वैलेन्टाइन्स-डे

पंद्रह साल पहले, यूनिवर्सिटी के पीजी ब्लॉक में,
अंग्रेजी की क्लास में
हाँ, वो तुम ही तो थीं, हल्की स्माइल
..और एक रोज़ के साथ
तुमने भी तो कहा था
..हैप्पी वैलेन्टाइन्स-डे

फिर तीन साल बाद, रेजीडेन्सी की घास पर
..हम बैठे थे और तुम थीं जींस और पिंक टॉप में
थोड़ी देर बाद, एक पुराने दरख्त से पीठ लगाकर
..तुम बोली थीं..मेरे गुलाबों के जवाब में
हैप्पी वैलेन्टाइन्स-डे

ठंडी हवा के इस झोंके ने, जैसे नींद से जगाया
सामने फिर तन्हार्ई थी, थोड़ी गुलाबी और थोड़ी सी लाल
तुनक के बोली
कौन है मेरे सिवा, जो साथ हर वक्त रहा
..लम्बी सी सांस ली मैंने और फिर मुस्कराते हुए कहा
..रीयली लव यू तन्हाई, हैप्पी वैलेन्टाइन्स-डे
वो थोड़ा शरमायी और फिर लग गई गले