Tuesday, December 17, 2013

बोझ हंसी का ढोना

बोझ हँसी का ढोना
फिर चुपके से रोना
नींद छुपी पलकों मे
खोल के आंखे सोना
फिर चुपके से रोना
बोझ हंसी का ढोना